Breaking Posts

6/trending/recent
Type Here to Get Search Results !

60 वर्षीय निश्रीन की अनुशासन और फिटनेस ने अक्षय कुमार को किया प्रभावित

 60 वर्षीय निश्रीन की अनुशासन और फिटनेस ने अक्षय कुमार को किया प्रभावित


मुंबई, 11 फरवरी 2026: ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ का मंच इस बार प्रेरणा का स्रोत बन गया जब 60 वर्षीय निश्रीन की ताकत, धैर्य और फिटनेस के प्रति जुनून की कहानी सामने आई। उनकी यात्रा ने अक्षय कुमार के साथ-साथ कंटेस्टेंट्स सुनाक्षी और शान को भी प्रभावित किया।


निश्रीन ने जैसे ही अपनी फिटनेस जर्नी साझा करनी शुरू की, अक्षय ने तुरंत उनकी तारीफ़ की और कहा कि वह सचमुच प्रेरणादायक हैं। इसी से बातचीत का माहौल बेहद मोटिवेटिंग हो गया।


निश्रीन ने बताया कि फिटनेस के प्रति उनका जुनून बचपन से रहा है। 15 साल की उम्र में उन्होंने कराटे सीखना शुरू किया और ब्लैक बेल्ट हासिल किया। उम्र बढ़ने के साथ उनका एक्टिव रहना कभी कम नहीं हुआ। 50 साल की उम्र में उन्होंने नया चैलेंज लिया और बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया। उनकी बॉडीबिल्डिंग तस्वीरों ने दर्शकों और कंटेस्टेंट्स से खूब तालियाँ बटोरीं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने नेशनल्स में हिस्सा लिया और ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिससे सबको गर्व महसूस हुआ।



अक्षय कुमार ने निश्रीन की तारीफ़ करते हुए कहा, निश्रीन सचमुच एक प्रेरणा हैं। मैं यह बात बहुत कम लोगों के लिए कहता हूँ, लेकिन वह मुझे सच्चे अर्थों में प्रेरित करती हैं। जिस अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ उन्होंने इस उम्र में भी अपनी फिटनेस बनाए रखी है, वह काबिले-तारीफ़ है।” अपना विश्वास साझा करते हुए उन्होंने कहा, “हर एक नागरिक को कम से कम तीन साल तक मार्शल आर्ट्स अनिवार्य रूप से सीखना चाहिए। यह बहुत ज़रूरी है, क्योंकि शारीरिक फिटनेस तो ठीक है, लेकिन इंसान के अनुशासन को काबू करने के लिए आपको मार्शल आर्ट्स के रास्ते से गुज़रना ही चाहिए।”


निश्रीन ने आगे बताया कि फिट रहना उनके लिए इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि वह अपने बच्चों पर बोझ नहीं बनना चाहतीं। उन्होंने समझाया कि उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य स्वाभाविक रूप से गिरता है, इसलिए शरीर का ध्यान हमेशा रखना चाहिए।


अक्षय कुमार ने आगे कहा, “आपको अपने दिमाग़ को समझाना होता है कि रोज़ जिम जाना है, एक रेजीम बनाना है और जल्दी सोना है। आपको अपने दिमाग़ को यह भी कहना होता है कि यह खाना नहीं खाना है। सेल्फ-कंट्रोल रखना पड़ता है; आखिरकार दिन के अंत में ये सारी चीज़ें आपके दिमाग़ पर ही आती हैं।”


इसके बाद अक्षय ने निश्रीन से पूछा कि क्या वह शरीर को मंदिर मानती हैं या घर। निश्रीन ने तुरंत जवाब दिया—मंदिर। मुस्कुराते हुए अक्षय ने कहा कि मंदिर में हम कभी-कभी जाते हैं, लेकिन घर में हम रोज़ रहते हैं। हम बैठते हैं, आराम करते हैं, साफ़ रखते हैं और ध्यान रखते हैं कि कोई हानिकारक चीज़ अंदर न आए। उसी तरह हमें अपने शरीर को घर की तरह देखभाल, अनुशासन और सम्मान के साथ रखना चाहिए।


ताकत और अनुशासन पर केंद्रित इस एपिसोड ने एक बार फिर दर्शकों को गहरा संदेश दिया। निश्रीन की प्रेरणादायक यात्रा और अक्षय कुमार का व्यावहारिक दृष्टिकोण इस बात की याद दिलाता है कि फिटनेस जीवनभर की प्रतिबद्धता है।

देखिए ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’, सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ़ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और सोनी लिव पर स्ट्रीम करें।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.