एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स --- द मिडल किंगडम
कूछ वर्ष पहले से इस फिल्म सीरीज दर्शको को लुभा रही हैं / इस फिल्म सिरीज के प्रशंसक केवल 100 फिसदि मनोरंजन की उम्मिद करते हैं / कूछ प्रमाण मे उनकी ये इच्छा पुरी हुइ हैं / पूरी फिल्म के दौरान धांसू एक्शन , कॉमेडी , लव और इमोशन से मनोरंजन हुआ हैं । लेकिन, बीच में ही कथानक से भटक जाणे की नौबत तक आ जाती है । एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स के नाम पर बनी यह फिल्म इन दोनों के किरदारों के साथ ही इंसाफ नहीं कर पाती है , ऐसा भी लगणे लगता है / क्योंकी अन्य किरदार पर दिग्दर्शक ने उतना ही जोर दिया हैं / सहज रूप मे प्रमुख किरदार के अलावा अन्य किरदार को इतना फुटेज नही दिया जाता , जितना की कथानक के मुख्य किरदार को मिलता हैं /
एस्टेरीक्स इस फिल्म के मामले में इसकी कहानी, पटकथा और संवाद देखाकर दर्शक के मन में निश्चित रूप से शंका उत्पन्न हो जाती है।
स्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स' ऐसे किरदार हैं जिनके साथ कई पीढ़ियां बड़ी हुई हैं। अगर सोशल मीडिया / साईट पर भी खोजे तो फ्रांस की इस कॉमेडी श्रृंखला की शुरुआत रेने गोस्कीनी ने 1959 में की। फ्रांसीसी निर्देशक क्लाउड जिदी ने इस पर पहली फिल्म 1999 में बनाई जिसका नाम था, 'एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स वर्सेज सीजर'। ये फिल्म लोगों ने पसंद की तो 2012 तक 'एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स' से जुड़ी तीन और फिल्में बन गईं।
अभी कूछ वर्ष बाद एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स की फिर से थियेटर पर वापसी हुई है फिल्म 'एस्टेरिक्स एंड ओबेलिक्स द मिडिल किंगडम' में। फिल्म भारत में अंग्रेजी, हिंदी और तमिल भाषा में भारत में रिलीज हो गयी है।
एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स द मिडिल किंगडम' की कहानी एक चीनी राजकुमारी फू यी से जुड़ी हुई है। फू यी चीनी सम्राट हान जुआंडी की इकलौती बेटी की है जो एक कडक गुस्सेल स्वभाव वाले राजकुमार से बचकर गॉल इस कसबे भाग जाती है। गॉल पहुंच कर वह एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स से अपने साम्राज्य को बचाने के लिए मदद मांगती हैं। एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स गॉल के बहादुर योद्धा हैं। दोनों एक ऐसे जादुई पेय का सेवन करते हैं जिससे बुहुत अधिक शक्तिशाली बन जाते हैं। अपने भीम पराक्रम से वह चीन के अती विशाल साम्राज्य को दुश्मनों से आजादी दिलाते हैं।
जादुई , शक्तिशाली पेय यह एक इस फिल्म की जान ही कह सकते हैं क्योंकी सारा असर उसी जादुई पेय का ही हैं जिसके बलबुते एस्टेरीक्स , ओबेलिक्स शक्तिशाली बन पाते हैं / लाखो की संख्या मे चिनी साम्राज्य के दुश्मनो से आजादी दिलाते हैं /
जिन दर्शको ने एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स की कॉमिक बुक्स और अब तक रिलीज हुई फिल्मों की सीरीज पढी -- देखी नहीं है उनके लिए यह फिल्म समझना थोड़ा मुश्किल है। क्योंकी कथानक समझ में आने मे दिक्कत हो सकती हैं , लेकिन निर्देशक गिलोम कैनेट ने इस फिल्म को सहज रूप से नयी कहाणी जैसे ही आसानी से समझे इस प्रकार बनाते हुए साथ में हास्य , इमोशन , अँक्शन , रोमँटिक भाव का भरपूर ख्याल रखा है। फिल्म के किरदार मजाकिया हैं और अधिकतर सिधे साधे रूप मे प्रतीत होते हैं । विजुअल्स , फोटोग्राफी के मामले में फिल्म को अव्वल नंबर है बस चूंकि ये फिल्म सौ फीसदी कॉमिक बुक की कहानी है सो इसे देखना मनोरंजन के लिहाज से एक बड़ा टास्क भी है। भारत के दर्शक को किताब की कहानी को पडदे पर देखणा कोई नयी बात नही / मुख्य किरदारों की कहानी कही बीच में रुक गयी सी प्रतीत होती रहती हैं /
एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स ऐसे किरदार हैं जिनके साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। और, जहां भावनाएं जुड़ी होती हैं वहा दर्शक फिल्म निर्माता के अन्य पहलू जो की गलत दिखते हैं लेकीन वो भुला दिये जाते है और ऐसा ही हुआ हैं । फिल्म की कहानी एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स के इर्द गिर्द घूमनी चाहिए लेकिन इस कथानक मे , फिल्म में चीनी राजकुमारी , के साथ अन्य किरदार पर ज्यादा जोर दिया गया है। युद्ध तथा कूछ फाईट ऍक्शन अच्छी तरह छाप छोड जाते हैं एस्टेरिक्स और ओबेलिक्स के नाम पर बनी यह फिल्म इन दोनों के किरदारों के साथ ही 100 फिसदि न्याय नहीं कर पाती है। और, इस मामले में इसकी कहानी, पटकथा , सीन्स , लोकेशन्स , संगीत और संवाद अच्छे हुए है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐



